आरएसएसबी विभाग का उम्मीदवारों के महत्वपूर्ण नोटिस समय-समय पर यहाँ पर पृष्ठ में । कृपया इनकी ताज़ा समाचारों को पढ़ें । चयन प्रक्रिया संबंधी सभी ताज़ा नोटिस यहाँ पर प्रकाशित की जाती हैं। किसी भी पूछताछ हेतु आरएसएसबी का वेबसाइट में या तो संवाद करें करें।
आरएसएसबी सत्संग: हिंदी में दिव्य मार्गदर्शन
आरएसएस द्वारा आयोजित प्रवचन , हिंदी भाषा में धार्मिक मार्गदर्शन प्रदान करती है | यह सत्संग व्यक्तिगत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है | प्रसिद्ध वक्ता जीवन के शाश्वत संदेश देते हैं, एवं उपस्थित अपनी पथ में शुभ प्रेरणा पा सकें | यह सत्संग सभी के लिए स्वागत योग्य है |
बुल्ले शाहबादे के बोल: आरएसएसबी के संदर्भ में
बुल्ले शाहबादे एक विख्यात फानी थे, जिनके शब्द प्रेम, भक्ति और सामाजिक क्रांति की पुकार लगाते थे। आरएसएसबी (ग्रामीण सामाजिक सेवा बल ) के संबंध में, उनके उपदेश विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। उनकी रचनाएँ वर्ग भेद से ऊपर उठकर, सभी मनुष्यों के बीच भाईचारे की वकालत करते हैं। आरएसएसबी के कार्य बुल्लेशाह के दर्शन को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ धार्मिक असमानताएं अधिक हैं। इस आत्मा को ग्रामीण सेवा के कार्यकलापों में अपना करना जरूरी है।
राधा सोامی: प्रश्न और उत्तर – आरएसएसबी दृष्टिकोण
राधा सोامی के साधक द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों और उनके उत्तरों को इस लेख में विस्तार से बताया गया है। आरएसएसबी की दृष्टिकोण से, यह ज्ञान साधक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम यहां कुछ सामान्य प्रश्न और उनके संभावित उत्तर दे रहे हैं, जो कि राधा सोامی दर्शन को समझने में मदद करे सकें। इस मार्गदर्शन के माध्यम से, आप अपनी आंतरिक यात्रा में आगे बढ़ सकते हैं और सत्य को पा सकते हैं। यह एक अनूठा अवसर है राधा सोامی शिक्षा को गहन रूप से अध्ययन करने का।
आरएसएसबी सत्संग का सार: हिंदी व्याख्या
आर.एस.एस.बी. सत्संग का मूल भाव हिंदी व्याख्या एक अति आवश्यक विषय है। इस मार्ग हमें जीवन के मूल रहस्यों को समझने में मदद करता है।
सत्संग का अंतिम उद्देश्य स्वयं का बोध प्राप्त करना है, जिसमें लिए हमें मार्गदर्शक के उपदेशों पर चिंतन करना तथा उन्हें अपनी कार्यों में लागू करना जरूरी है।
- अनुभवात्मक संगति का महत्व
- आत्म-अनुभव की ओर
- आचार्य का मार्गदर्शन
आरएसएसबी और बुल्ले शाह: एक संवाद
एक सार्थक बातचीत आरएसएसबी और बुल्ले शाह के मत के के समक्ष एक अनोखा विश्लेषण प्रस्तुत किया जाता है। बुल्ले शाह, एक सूफी विचारक थे, जिन्होंने अपने रचनाओं के माध्यम से धार्मिक बंधनों को चुनौती दी आरएसएसबी का दृष्टिकोण अपनी उद्देश्य के लिए बुल्ले शाह के विचारों में विभिन्न समानताएँ को ढूंढता है click here , जिन्हें भाईचारा और मानव कल्याण के लिए आवश्यक हैं इस दोनों पक्षों के दृष्टिकोणों को समझने में उपयोगी है